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पढ़ने लिखने में रुचि रखती हूँ । कई समसामयिक मुद्दे मन को उद्वेलित करते हैं । "परिसंवाद" मेरे इन्हीं विचारों और दृष्टिकोण की अभिव्यक्ति है जो देश-परिवेश और समाज-दुनिया में हो रही घटनाओं और परिस्थितियों से उपजते हैं । अर्थशास्त्र और पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नात्तकोत्तर | हिंदी समाचार पत्रों में प्रकाशित समाजिक विज्ञापनों से जुड़े विषय पर शोधकार्य। प्रिंट-इलेक्ट्रॉनिक मीडिया ( समाचार वाचक, एंकर) के साथ ही अध्यापन के क्षेत्र से भी जुड़ाव रहा | प्रतिष्ठित समाचार पत्रों के परिशिष्टों एवं राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित पत्रिकाओं में लेख एवं कविताएं प्रकाशित | संप्रति समाचार पत्रों और पत्रिकाओं के लिए स्वतंत्र लेखन । प्रकाशित काव्य संग्रह " देहरी के अक्षांश पर "

ब्लॉगर साथी

10 February 2012

मेरा एक संसार है माँ

 (बाल कविता )

मेरा एक संसार है माँ
जो लगता मुझको प्यारा
इंद्रधनुष के रंग सजे हैं
दुनियाभर से न्यारा

अक्षर मुझको नहीं लुभाते
सात रंग लगें प्यारे
चिड़िया, चंदा, फूल बना लूं
नाचें मोर कभी न्यारे

अक्षर आगे-आगे भागें 
रंग मेरे संग चलते हैं 
मेरी मानें, मन की जाने 
रंग मेरे संग ढलते हैं 

तितली रानी, भंवरे भैया
मुझ संग सारे खेलें
रंग-बिरंगी दुनिया है ये
हम सबसे अलबेले

नदिया मेरी बहती है यूं
ज्यूं झरता प्रेम का झरना
अपनी धुन में रहता हूं मैं
आपस में क्यों लङना

सारे रंग सजा कर देखो
सतरंगी जीवन बन जाता
मन की मानूं  और उकेरूं
कितना सुंदर रंग भर जाता

96 comments:

  1. वाह चैतन्य की कहानी मम्मा की जुबानी
    बहुत प्यारी रचना

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  2. वाह!रंगों की दुनिया वाकई खूबसूरत है...
    बहुत ही सुंदर रचना|

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  3. चैतन्य को उसकी रचनात्मकता में जीने दीजिए....शुभकामनाएँ !

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  4. बहुत सुन्दर है, नन्हे चैतन्य की रंगों से भरी दुनिया, समेट लो बेटे जीवन के हर रंग को जी भर के... मोनिका जी आभार आपका बेटे की दुनिया हम सब को दिखाने के लिए...

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  5. बहुत सुन्दर!

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  6. बहुत सुंदर दुनिया है बच्चों की भी,
    सुंदर कविता द्वारा समझाया है ! अच्छी लगी !

    मन है मेरा कोरा कागज
    जैसे चाहूँ चित्र बनाऊं
    फूल-पौधे पशु-पक्षी बनाऊं
    हरी-भरी धरती पर,
    महका-महका एक उपवन बनाऊं !

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  7. nice poem
    loved it

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  8. मेरा एक संसार है माँ
    जो लगता मुझको प्यारा
    इंद्रधनुष के रंग सजे हैं
    दुनियाभर से न्यारा
    ......
    चैतन्य को अभी इस संसार में जीने दीजिये ...
    ( पर बेटा चैतन्य थोड़ा थोड़ा अक्षर ज्ञान भी )

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  9. चैतन्य की कहानी...... !
    मम्मा की जुबानी बहुत प्यारी लगी..... :):)
    एक माँ के लिए ,बच्चों की खुशियों के आगे ,कुछ भी नहीं होता.... !!

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  10. बढिया रचना।
    बच्‍चों का यह संसार दुनिया के सारे तनावों से मुक्‍त होता है....

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  11. तितली रानी, भंवरे भैया
    मुझ संग सारे खेलें
    रंग-बिरंगी दुनिया है ये
    हम सबसे अलबेले
    बेहद सुन्दर बाल मन की सहज सरल अभिव्यक्ति .

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  12. बहुत ही सुंदर रचना

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  13. प्यारी कविता....

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  14. bahut pyaari rachna bilkul bachche ke dil se nikli prateet hoti hai.badhaai.

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  15. केवल बच्चों की दुनिया में रंग होता है। इसलिए,चित्रकारी उनका सहज शगल होता है।

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  16. नन्हा चैतन्य खुश है अपनी रंगों की दुनिया में .....और हम बड़े भाग रहे है उसी ख़ुशी को पाने ना जाने किस ओर......खुश रहो बेटा

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  17. बहुत ही प्यारी कविता मोनिका जी बधाई |

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  18. बहुत ही प्यारी कविता मोनिका जी बधाई |

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  19. बहुत ही सुंदर लिखा है..चैतन्य ने |

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  20. बहुत सुंदर . सुभद्रा कुमारी की कवितायेँ याद आयी.

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  21. शायद जीवन के सबसे खूबसूरत पल ....माँ और बच्चे की दुनिया कितनी प्यारी होती है ....रंग बिरंगी ....
    बहुत सुंदर रचना ...

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  22. बहुत ही सुन्‍दर संसार ... आभार ।

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  23. सुन्दर कविता है......ये पेंटिंग क्या चैतन्य ने बनायीं है ?
    अगर हाँ तो वाह......शाबाश कहिये उसे हमारी और से .....बहुत अच्छी हैं ।

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  24. वाह बेहद सुन्दर गीत और प्रस्तुति.

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  25. सारे रंग सजा कर देखो
    सतरंगी जीवन बन जाता
    मन की मानूं और उकेरूं
    कितना सुंदर रंग भर जाता

    बहुत प्यारी रचना.

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  26. बहुत बढ़िया प्रस्तुति
    आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा कल शनिवार के चर्चा मंच पर भी होगी!
    सूचनार्थ!

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  27. चैतन्य के चित्र काफी रचनात्मक लगे... कविता भी काफी बेहतरीन है. सुंदर प्रस्तुति.

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  28. हर बच्चे की यही कहानी,
    राजा रानी नाना नानी।

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  29. चैतन्य की ड्राइंग और कविता बहुत ही अच्छी है।

    सादर

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  30. अक्षर मुझको नहीं लुभाते
    सात रंग लगें प्यारे,
    चिड़िया, चंदा, फूल बना लूं
    नाचें मोर कभी न्यारे.

    मनभावन पंक्तियाँ - आभार .

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  31. रंगों की दुनिया वैसे ही बेहद खूबसूरत होती हैं ...शुभ आशीष ...ऐसे ही आगे बढते रहो

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  32. bahut sunder painting ,,,,bahut sunder rachna......dono cheez dekhkar maza aa gaya

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  33. बच्चा तो प्रकृति में ही पलता है, अक्षर तो उसे बैरी लगते ही हैं:)

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  34. बहुत सुन्दर रचना, ख़ूबसूरत भावाभिव्यक्ति , बधाई.

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  35. बहुत अच्छी बालकविता बधाई......

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  36. शानदार चैतन्य बधाई |

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  37. बालमन की कल्पना समेटे, उसकी खुशियाँ साझी करती बहुत ही प्यारी कविता।
    चैतन्य को असीम स्नेह और आशीर्वाद!

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  38. इस नन्हें से बाल चित्रकार चैतन्य को बहुत सारी बधाइयाँ, ढेर सारी शुभकामनायें और आशीर्वाद ! बहुत खूबसूरती से आपने चैतन्य के मन की बात को अभिव्यक्ति दी है ! बच्चों के मन की बात और अभिरुचियों के बारे में जानकार उन्हें सही दिशा में प्रोत्साहन देना माता-पिता की सबसे बड़ी उपलब्धि होती है ! साधुवाद आपको !

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  39. इस रचना की गेयता ने इसकी प्रभावोत्पादक में असीम वृद्धि कर दी है। भाव बड़े कोमल हैं और मन को आकर्षित करते हैं।

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  40. सुंदर बाल गीत। बाल गीत लिखने के लिए बच्चा हो जाना पड़ता है। सबके वश का नहीं। वाह!

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  41. bahut hi manabhavan bal rachana ...

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  42. सुन्दर सरल भाव में लिखी खूबसूरत रचना |

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  43. बहुत सुन्दर ..चैतन्य की रंगों से भरी दुनिया मे आप के प्यार की बौछार है तभी तो उसकी दुनिया प्यारी -प्यारी है..

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  44. तितली रानी, भंवरे भैया
    मुझ संग सारे खेलें
    रंग-बिरंगी दुनिया है ये
    हम सबसे अलबेले..
    बहुत प्यारी रचना हमारे प्रिय चैतन्य की तूलिका और कलम यों ही सजती रहें और हम सब इन के दोस्त बने रहें आखिर हम भी तो भ्रमर हैं न ..
    कितने गंभीर हो चित्र बना रहे
    मोनिका जी जय श्री राधे ...सुन्दर कृति
    भ्रमर ५

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  45. नदिया मेरी बहती है यूं
    ज्यूं झरता प्रेम का झरना
    अपनी धुन में रहता हूं मैं
    आपस में क्यों लङना

    बाल मन की भावनाएं आपके शब्दों के स्पर्श से कितनी उजली लग रही हैं !!

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  46. पूरी जैव विविधता का मानवीकरण कर दिया है आपने .सुन्दर कविता मनोहर कविता .

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  47. निश्छल बालमन का बहुत ही सुन्दर चित्रण..
    नदिया मेरी बहती है यूं
    ज्यूं झरता प्रेम का झरना

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  48. बहुत सुन्दर..
    कोमल सी प्रस्तुति..

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  49. जीवन-लय, सुंदर और सजीली.

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  50. कविता बहुत ही अच्छी है।

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  51. वाह मोनिका जी इतना सुंदर गीत. मजा आ गया. बहुत बढ़िया.

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  52. जी करता है मै भी बच्चा बन जाऊ, सुँदर बाल गीत .

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  53. बहुत सुन्दर गीत..चैतन्य के चित्र खूबसूरत हैं..बधाई.
    _____________

    'पाखी की दुनिया' में जरुर मिलिएगा 'अपूर्वा' से..

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  54. बच्चो की जिज्ञासा भरी सुन्दर कविता !बधाई !

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  55. बहुत सुंदर बाल कविता ...

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  56. मेरा भी एक संसार है....माँ ?
    काश....कह सकता तुझे मैं माँ .....

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  57. काश यह बच्चों वाली सतरंगी दुनिया हमेशा कायम रह पाती जीवन में तो कितना अच्छा होता। :)बचपन के रंगों से सजी बहुत ही सुंदर कविता....

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  58. डॉ.मोनिका जी चित्र देखकर अपने व अपने बच्चों की चित्रकला याद आ गयी .धन्यवाद्

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  59. डॉ.मोनिका जी चित्र देखकर अपने व अपने बच्चों की चित्रकला याद आ गयी .धन्यवाद्

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  60. बहुत अच्छी प्रस्तुति,बेहतरीन प्यारी रचना,...

    MY NEW POST ...कामयाबी...

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  61. अक्षर मुझको नहीं लुभाते
    सात रंग लगें प्यारे
    चिड़िया, चंदा, फूल बना लूं
    नाचें मोर कभी न्यारे

    बच्चा निसर्ग तय : प्रकृति प्रेमी होता है शब्दों का लिहाफ हम उसे कम उम्र में ही ज़बरी पहना देते हैं .काश संरक्षात्मक शिक्षा स्ट्रक्चरल एज्युकेशन का मर्म हमारे शिक्षा सारथी समझ पाते .

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  62. बहुत ही सुंदर रचना

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  63. bahut sundar ........bacche ki ruchi jisme hai use us or jarur prerit karen aage bhi........

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  64. सारे रंग सजा कर देखो
    सतरंगी जीवन बन जाता
    मन की मानूं और उकेरूं
    कितना सुंदर रंग भर जाता
    bahut hi sundar

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  65. कच्ची अमिया की खुशबू सी पोस्ट |

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  66. बहुत बेहतरीन....
    मेरे ब्लॉग पर आपका हार्दिक स्वागत है।

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  67. बहुत प्यारी कविता प्रस्तुति की है आपने.
    नन्हे मुन्ने की अनुपम उड़ान.

    आभार,मोनिका जी.

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  68. chaitanya ki amma. har pankti me dikh rahi hai:))
    god bless !!

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  69. सारे रंग सजा कर देखो
    सतरंगी जीवन बन जाता
    मन की मानूं और उकेरूं
    कितना सुंदर रंग भर जाता
    ati sunder bhav bete ne tasvir bhi bahut sunder banai hai shabash beta
    rachana

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  70. प्यारी और न्यारी रचना ...

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  71. बहुत ही खूबसूरत रचना....सराहनीय...
    नेता- कुत्ता और वेश्या (भाग-2)

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  72. नदिया मेरी बहती है यूं
    ज्यूं झरता प्रेम का झरना
    अपनी धुन में रहता हूं मैं
    आपस में क्यों लङना
    bahut hi sundar rachana monika ji badhai.

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  73. बहुत ख़ूबसूरत बाल गीत....

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  74. बेहद मीठा..प्यारा सा गीत

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  75. प्यारी बाल कविता -सुकोमल और मासूम सी !

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  76. सुन्दर. चि. चैतन्य के जीवन में ईश्वर सभी रंग भर दें.

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  77. वाह!!!!!मोनिका जी..भावपूर्ण बहुत अच्छी अभिव्यक्ति,सराहनीय प्रस्तुति,..

    MY NEW POST ...सम्बोधन...

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  78. चिड़िया, चंदा, फूल बना लूं
    नाचें मोर कभी न्यारे


    बहुत ही सुंदर रचना....!!

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  79. वाह ... सुन्दर लाजवाब बाल रचना है ... बहुत प्यारी ...

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  80. वो कागज की कश्ती, वो बारिश का पानी... सबसे हसीन दुनिया होती है बचपन की

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  81. वो कागज की कश्ती, वो बारिश का पानी... सबसे हसीन दुनिया होती है बचपन की

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  82. वाह, परफेक्ट कविता फॉर चैतन्य!! :)

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  83. वाह चैतन्य आपकी रचनाएं तो बडी प्यारी हैं ।

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  84. बहुत ही प्यारी रचना है ...
    चैतन्य के बनाए चित्र भी बहुत सुन्दर है....

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  85. Wow! Bahut hi pyara likha hai mam...

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