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पढ़ने लिखने में रुचि रखती हूँ । कई समसामयिक मुद्दे मन को उद्वेलित करते हैं । "परिसंवाद" मेरे इन्हीं विचारों और दृष्टिकोण की अभिव्यक्ति है जो देश-परिवेश और समाज-दुनिया में हो रही घटनाओं और परिस्थितियों से उपजते हैं । अर्थशास्त्र और पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नात्तकोत्तर | हिंदी समाचार पत्रों में प्रकाशित समाजिक विज्ञापनों से जुड़े विषय पर शोधकार्य। प्रिंट-इलेक्ट्रॉनिक मीडिया ( समाचार वाचक, एंकर) के साथ ही अध्यापन के क्षेत्र से भी जुड़ाव रहा | प्रतिष्ठित समाचार पत्रों के परिशिष्टों एवं राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित पत्रिकाओं में लेख एवं कविताएं प्रकाशित | संप्रति समाचार पत्रों और पत्रिकाओं के लिए स्वतंत्र लेखन । प्रकाशित काव्य संग्रह " देहरी के अक्षांश पर "

03 November 2010

हर आँगन बिखरे आलोक

प्रकाश पर्व के पावन अवसर पर आज बात एक ऐसी परंपरा की जिसमें स्नेह, सद्भाव और सदाचार से जीने का संदेश समाहित है। इस रिवाज़ को दीपदान कहा जाता है। राजस्थान के कई हिस्सों दीपदान की परंपरा दीवाली के त्योंहार का अहम हिस्सा है। हमारी लोकसंस्कृति के सुंदर अर्थ लिए इस परंपरा का निर्वहन आज भी गांवों और शहरों में पूरी आस्था और विश्वास के साथ किया जाता है।

दीपावली के दिन सांझ ढलते ही अपने घर में दीप जलाने के बाद घर की बहू या बेटी अपने आस-पास के घरों के द्वार पर जाकर दीपक रखकर आती हैं। घर-घर जाकर दीपक रखने के लिए पारंपरिक परिधानों में सजी महिलाएं हाथों में जलते दीपों का थाल लेकर निकलती हैं और इस रिवाज को पूरे मन से निभाती हैं।

आज के दौर में जहां लोगों की सोच और दुनिया सिर्फ अपने आप तक सिमट कर रह गयी है वहां त्योंहार के अवसर पर अपने घर की जगमगाहट के साथ ही दूसरों के घरों को भी आलोकित करने की यह परंपरा सचमुच कितनी प्यारी और प्रासंगिक है.......! दीवाली के दिन हर दरवाजे पर किसी दूसरे घर की बहू या बेटी के हाथों रौशन किया गया दीपक इस बात का साक्षी बनता है कि अपना ही नहीं समाज का हर आँगन रौशन रहे। ईश्वर से प्रार्थना है कि प्रेम और सद्भाव का संदेश देने वाली रौशनी की यह रवायत सदा यूं ही चलती है।
आप सभी को दिवाली की हार्दिक शुभकामनायें

77 comments:

  1. आपको भी सपरिवार दीपों के त्यौहार पर हार्दिक शुभकामनाएं !

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  2. हमारी संस्कृति में कुछ परम्पराएँ हैं ... जो सामाजिक भाईचारा फ़ैलाने के लिए बना है ... उनका पालन करना अच्छी बात है

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  3. हमारी साझी विरासत की प्रतीक है यह परम्परा। जब पड़ोसी दीप लेकर आते होंगे,भीतर का कलुष मिटता तो होगा। प्रकाश-पर्व नाम इसी से सार्थक।

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  4. आपको भी दीपावली की हार्दिक शुभकामनाये
    regards

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  5. मोनिका जी ... बहुत सुंदर परंपरा... अपने घरों के आगे दीप जलने तो सब जगह देखा है .. पर औरों के घर भी दीप जलना ... बहुत अच्छा लगा जानकारी पा कर

    आपको और आपके परिवार को दीपावली की हार्दिक शुभकामाएं ...

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  6. @ अरविन्दजी
    @ सीमाजी
    धन्यवाद...शुभकामनायें

    @इन्द्रनीलजी
    @कुमार राध्रमण जी
    सच में हमारी परम्पराएँ मनुष्यता का पाठ पढ़ाने वाली हैं....सलाम हमारी इस साझी अनमोल विरासत को....शुभकामनायें

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  7. मोनिका जी बहुत सुन्दर रचना !! ..बधाई और दीपावली पर शुभकामना.. और दीपदान की परंपरा पसंद आई .. परसों यानि शुक्रवार को दीपावली के दिन आपकी ये पोस्ट में चर्चा मंच पे रखूंगी ..धन्यवाद..

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  8. परंपरा को जीवंत बनायें रखने की दृष्टि से आपका आलेख काफी महत्वपूर्ण है , धन्यवाद !


    धन तेरस की असीम शुभकामनाएं !

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  9. बहोत ही अच्छी परंपरा है ये
    आपको सपरिवार दिवाली की ढेरों शुभकामनाएँ

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  10. मोनिका जी,

    इस जानकारी का हार्दिक आभार......तभी तो हमारा देश महान है |

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  11. monika ji
    deewali app ko aur aapki family ko bhi mubarak ho. ....

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  12. बहुत सुन्दर लिखा है ...आपको एव आपके पर्रिवर को दीपावली कि शुभकामनाये ......

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  13. दूसरों के घरों को रौशन करने की परम्परा हमारे देश के अलावा और कहीं नहीं पायी जाती ...अच्छी जानकारी ..दीपावली की शुभकामनायें

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  14. दीवाली ने कर दिया ज्योतिर्मय संसार,

    सबके आँगन में खिले सुख समृद्धि अपार.

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  15. आप की बात बिलकुल सही है.दीपावली पर घर की साफ़ सफाई करने का प्रचलन है किन्तु उससे भी बढ़ कर यदि हम अपने मन की दूषित भावनाओं को साफ़ कर सकें तभी दीपोत्सव की मूल भावना सार्थक होगी.

    हम सब की और से आप सब को दीपावली की शुभ कामनाएँ.

    सादर

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  16. सच में ये परंपरा बहुत ही लाजवाब है ... इसका प्रचार और प्रसार भी होना चाहिए .... आज समाज को संघटित करने के लिए दुबारा उन्ही परम्पराओं की जरूरत है ....आपको और आपके परिवार को दीपावली की हार्दिक शुभकामाएं ...

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  17. आपको भी सपरिवार दीपों के त्यौहार पर हार्दिक शुभकामनाएं !

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  18. आपको भी दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं :)

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  19. यह रिवाज़ कुछ कम होता जा रहा है. ऐसा सब घरों में हो तो कितना अच्छा हो.

    दीपोत्सव कि हार्दिक बधाईयाँ.

    मनोज खत्री

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  20. आप सब को सपरिवार दीपावली मंगलमय एवं शुभ हो!
    हम आप सब के मानसिक -शारीरिक स्वास्थ्य की खुशहाली की कामना करते हैं.

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  21. हां मुझे भी याद हे कि मां हमे भी दीपक देती थी कि इसे वहां वहां रख कर आओ, इस से भाई चारे का संदेश जाता था, फ़िर आसपडोस मे मिठाईयां दी जाती थी, अब यहां तो हम अकेले ही हे,गोरे इस बारे जानते भी नही, बस दो लडियां लईट की जला दी घर मे पुजा कर ली हो गई दिपावली.
    आप को भी दीवाली की हार्दिक शुभकामनायें

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  22. "दीवाली के दिन हर दरवाजे पर किसी दूसरे घर की बहू या बेटी के हाथों रोशन किया गया दीपक इस बात का साक्षी बनता है कि अपना ही नहीं समाज का हर आँगन रोशन रहे। ईश्वर से प्रार्थना है कि प्रेम और सद्भाव का संदेश देने वाली रोशनी की यह रवायत सदा यूं ही चलती है।"

    आभार - शसक्त आलेख के माध्यम से सच्चा सन्देश

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  23. ऐसे ही हम प्रकाश हर ओर दान करते रहें।

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  24. वाह कितनी अच्छी जानकारी दी | आप को और आप के परिवार को भी दीपावली की शुभकामनाए |

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  25. बेहतरीन पोस्ट लेखन के बधाई !

    आशा है कि अपने सार्थक लेखन से,आप इसी तरह, ब्लाग जगत को समृद्ध करेंगे।

    आपको और आपके परिवार में सभी को दीपावली की बहुत बहुत हार्दिक शुभकामनाएं ! !

    आपकी पोस्ट की चर्चा ब्लाग4वार्ता पर है-पधारें

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  26. सुख औ’ समृद्धि आपके अंगना झिलमिलाएँ,
    दीपक अमन के चारों दिशाओं में जगमगाएँ
    खुशियाँ आपके द्वार पर आकर खुशी मनाएँ..
    दीपावली पर्व की आपको ढेरों मंगलकामनाएँ!

    -समीर लाल 'समीर'

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  27. वाह यह परंपरा तो बहुत प्यारी है मोनिका जी । शुब दीपावली ।

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  28. सच में ये परंपरा बहुत ही लाजवाब है
    आपको और आपके परिवार को दीपावली की हार्दिक शुभकामाएं ..

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  29. bahut khoob Monika ji ...........mai to fan ho gaya apka

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  30. बहुत अच्छी लगी ये परंपरा। आपको व आपके परिवार को दीपावली की हार्दिक शुभकामनायें।

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  31. हमारे देश में आज भी कुछ अच्छी परम्पराएं जीवित हैं
    ...सुंदर लेखन।

    आपको एवं आपके परिवार को दीपावली की शुभकामनाएं।

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  32. हमारी साझी विरासत की प्रतीक है यह परम्परा। दीपों के त्यौहार पर हार्दिक शुभकामनाएं !

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  33. जीवन में प्रकाश ही प्रकाश हो,व्यवहार एवं कर्म की पवित्रता हो,ह्रदय में मधुरता का वास हो, इस मंगलकामना के साथ आपको भी सपरिवार दीपोत्सव की अनन्त शुभकामनाऎँ!!!

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  34. दीपावली की हार्दिक शुभकामनायें !

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  35. A wonderful tradition indeed !

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  36. अपने घर में हर साल दिया मैं ही सजाया करता था, हर कोने पे रखना...मिस कर रहा हूँ घर को दिवाली में...


    आपको बहुत बहुत बधाई दिवाली की....भगवान करे दिवाली की रौशनी सब के मन में एक अच्छा सन्देश ले कर जले :)

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  37. दीपावली पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं.

    रामराम

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  38. ~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
    आपको, आपके परिवार और सभी पाठकों को दीपावली की ढेर सारी शुभकामनाएं ....
    ~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~

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  39. ~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
    आपको, आपके परिवार और सभी पाठकों को दीपावली की ढेर सारी शुभकामनाएं ....
    ~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~

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  40. एक नए अंदाज में अपनी भावनाओं को अभिव्यक्त किया है आपने , दीवाली की हार्दिक शुभकामनायें , ईश्वर आपकी जिन्दगी में तमाम खुशियाँ दे , यही प्रार्थना है .

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  41. आशा हे की यह परम्परा इसी तरह चलती रहे ओर सभी उन्नति की राह पर आगे बढ़े,
    इसी कामना के साथ आपको ओर आपके परिवार को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाये

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  42. ये परम्पराएँ अब कुछ जगह ही सीमित रह गई हैं ।
    आधुनिकता ने सब कुछ भुला दिया है ।

    दीवाली की हार्दिक शुभकामनायें ।

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  43. ।आपको व आपके परिवार को भी दीपावली की हार्दिक शुभकामनायें।

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  44. इसी तरह आप से बात करूंगा
    मुलाक़ात आप से जरूर करूंगा

    आप
    मेरे परिवार के सदस्य
    लगते हैं
    अब लगता नहीं कभी
    मिले नहीं है
    आपने भरपूर स्नेह और
    सम्मान दिया
    हृदय को मेरे झकझोर दिया
    दीपावली को यादगार बना दिया
    लेखन वर्ष की पहली दीवाली को
    बिना दीयों के रोशन कर दिया
    बिना पटाखों के दिल में
    धमाका कर दिया
    ऐसी दीपावली सब की हो
    घर परिवार में अमन हो
    निरंतर दुआ यही करूंगा
    अब वर्ष दर वर्ष जरिये कलम
    मुलाक़ात करूंगा
    इसी तरह आप से
    बात करूंगा
    मुलाक़ात आप से
    जरूर करूंगा
    01-11-2010

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  45. दीपावली के इस पावन पर्व पर आपको सपरिवार हार्दिक शुभकामनायें....

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  46. प्रदूषण मुक्त दीपावली की हार्दिक शुभकामनायें

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  47. दीवाली की हार्दिक शुभकामनायें

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  48. आप को सपरिवार दीपावली मंगलमय एवं शुभ हो!
    मैं आपके -शारीरिक स्वास्थ्य तथा खुशहाली की कामना करता हूँ

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  49. मेरे पिताजी की ओर से आपको सपरिवार बहुत बहुत आशीष.

    इस ज्योति पर्व का उजास
    जगमगाता रहे आप में जीवन भर
    दीपमालिका की अनगिन पांती
    आलोकित करे पथ आपका पल पल
    मंगलमय कल्याणकारी हो आगामी वर्ष
    सुख समृद्धि शांति उल्लास की
    आशीष वृष्टि करे आप पर, आपके प्रियजनों पर

    आपको सपरिवार दीपावली की बहुत बहुत शुभकामनाएं.
    सादर
    डोरोथी.

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  50. सराहनीय लेखन........
    +++++++++++++++++++
    चिठ्ठाकारी के लिए, मुझे आप पर गर्व।
    मंगलमय हो आपके, हेतु ज्योति का पर्व॥
    सद्भावी-डॉ० डंडा लखनवी

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  51. डॉ मोनिका शर्मा जी , दीपावली का आपका सन्देश सही और सार्थक है।

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  52. दीपावली की ढेर सारी शुभकामनायें ।

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  53. दीपावली का त्यौहार आप, सभी मित्र जनो को परिवार को एवम् मित्रो को

    सुख,खुशी,सफलता एवम स्वस्थता का योग प्रदान करे - इसी शुभकामनओ के

    साथ हार्दिक बधाई। - आशू एवम परिवार
    (¨`·.·´¨) Always
    `·.¸(¨`·.·´¨) Keep Loving &
    (¨`·.·´¨)¸.·´ Keep Smiling !
    `·.¸.·´ -- Ashish (Ashu)

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  54. नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं :)

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  55. Hamarl sanskriti me Samahit kuchh paramparayen hi hamari Dharohar hai.
    Sab ke Ghar me Deep Jale, ka MOOl mantra ka Anupalan hi hamara Uddeshya hona chahiye. Badhai.

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  56. Hamarl sanskriti me Samahit kuchh paramparayen hi hamari Dharohar hai.
    Sab ke Ghar me Deep Jale, ka MOOl mantra ka Anupalan hi hamara Uddeshya hona chahiye. Badhai.

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  57. अरे मोनिका जी आपने तो ये बहुत अच्छी खबर दी .....
    हमें भी कुछ ऐसा प्रयास करना चाहिए .....

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  58. आपको भी दीपावली की हार्दिक शुभकामनाये

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  59. सुन्दर परंपरा से रूबरू करवाया आपने, आपको दीपावली की असीम शुभकामनायें |

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  60. आपको एवं आपके परिवार को दिवाली की हार्दिक शुभकामनायें!

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  61. बहुत सुन्दर रचना !! ..बधाई और दीपावली पर शुभकामना..

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  62. दीप पर्व की हार्दिक शुभकामनायें ... ...

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  63. दीप पर्व की हार्दिक शुभकामनायें ... ...

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  64. Bahut hi achhi parmpara hai......
    aisi parmparaye humesha jeevit rahni chahiye

    Janakari ke liye dhanywad
    Deepawali ki hardik shubhkamanayen

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  65. monika ji,
    deepawali ke avsar par likha gaya aapka lekh bahut hi badhiya aur achha laga .kash! ye parmpara ghar-ghar me kayam hoti to,kitna achha hota.
    apne ghar ke saath -saath dusaron ke ghar ko bhi roushan karna kitna sukhad pratit hota hai.
    der se hi sahi aapko deep-parv v bhai-duuj ki hardik shubh-kamna de rahi hun. bahut bahut badhai.
    poonam

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  66. aati sundar aalekh.hum betiyon-bahuon ko yadi prampara nibhane ki jimmedari saupi jati hai to bhaiyon ke saman adhikar kyo nahi diye jate ?bas ab to yahi prashan hum betiyon ko is samaj se poochhna hai.

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  67. बहुत अच्छी परम्परा से आपने अवगत कराया , कोशिश करूँगी आपकी इस परम्परा को आगे बढाने की

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  68. आप सभी का हार्दिक धन्यवाद ........ दीप पर्व की शुभकामनायें
    मेरे ब्लॉग पर आने और उत्साहवर्धन करने के लिए सभी की ह्रदय से आभरी हूँ.......

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  69. paramparayen hame bahut kuchh sikhati hai.inse alag nahi raha ja sakata hai.Bahut hi bejod post.

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  70. Rajasthaan ki yah parampra bahaut achchee hai iska failav poore desh me hona chahiye.

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