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पढ़ने लिखने में रुचि रखती हूँ । कई समसामयिक मुद्दे मन को उद्वेलित करते हैं । "परिसंवाद" मेरे इन्हीं विचारों और दृष्टिकोण की अभिव्यक्ति है जो देश-परिवेश और समाज-दुनिया में हो रही घटनाओं और परिस्थितियों से उपजते हैं । अर्थशास्त्र और पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नात्तकोत्तर | हिंदी समाचार पत्रों में प्रकाशित समाजिक विज्ञापनों से जुड़े विषय पर शोधकार्य। प्रिंट-इलेक्ट्रॉनिक मीडिया ( समाचार वाचक, एंकर) के साथ ही अध्यापन के क्षेत्र से भी जुड़ाव रहा | प्रतिष्ठित समाचार पत्रों के परिशिष्टों एवं राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित पत्रिकाओं में लेख एवं कविताएं प्रकाशित | संप्रति समाचार पत्रों और पत्रिकाओं के लिए स्वतंत्र लेखन । प्रकाशित काव्य संग्रह " देहरी के अक्षांश पर "

ब्लॉगर साथी

22 November 2011

अब मैं माँ को समझती हूँ.....!

आज चैतन्य का जन्मदिन है | मेरे लिए वो दिन जबसे जीवन को एक नए रंग और ढंग से समझना और जीना सीखा  | सच में  बात सिर्फ कहने भर को ही नहीं है, माँ होने और माँ होकर जीने के मायने बहुत गहरे हैं | एक बच्चा आपके जीवन में आता तो दुनिया के हर बच्चे से प्रेम  हो  जाता है | बचपन से प्रेम हो जाता है |  

आज एक पुरानी कविता साझा कर रही हूँ| अब मैं माँ को समझती हूँ.....! जो मुझे महसूस हुआ शायद संसार हर बेटी वही महसूस करती है  जब वो स्वयं माँ बनती है ......
चैतन्य 
हर माँ अपनी बेटी को कहती है कि ये  बात माँ बनोगी तब  समझोगी..... वो बात माँ बनोगी तब  समझोगी...... बातें तो बहुत हैं जो माँ बनकर समझ आती हैं पर सबसे खास बात यह है कि हर बेटी माँ बनकर अपनी माँ के मन को बेहतर ढंग से समझने लगती है.......और उसके जैसी ही बनने लगती है।



मैं न थी माँ के इतने करीब
हर नसीहत लगती थी अजीब
वक़्त ने नसीहतों का अर्थ समझाया
जिनसे संस्कार-अनुशासन पाया
मैं अब रोज़ उसे नयी सीख देती हूँ...
अब मैं माँ को समझती हूँ....!

माँ की स्नेह भरी थपकी
मेरी रूखी सी झिड़की
आधी रात हो गयी अब तो
तुम भी सो जाओ ना माँ 

क्यों  सारी रात मैं उसके
सिरहाने बैठी काटती हूँ ?.....अब मैं माँ को समझती हूँ.....!

तुम नहीं समझोगी माँ
जाने कितनी बार कहा
अधूरे-तुतलाते शब्दों का भी
मैं अब अर्थ निकालती हूँ ?....अब मैं माँ को समझती हूँ ....!

तपती दुपहरी, दहलीज़ पर खड़ी
इंतजार करती चिंता में पड़ी
झट से बस्ता हाथ में लेकर
उसके माथे का पसीना पौंछती हूँ......अब मैं माँ को समझती हूँ ....!

अब मैं भी एक माँ हूँ तो
माँ का वो स्वरुप स्वयं 
मुझमे समा गया
मुझे भी माँ की तरह 
जीना आ गया
तभी तो माँ अब तुम मेरी प्रेरणा हो
प्रेरणा , बिन कहे एक बच्चे का मन पढ़ने की....!
प्रेरणा , उसे इन्सान के रूप में गढ़ने की...!


 आप  चैतन्य को अपनी शुभकामनायें यहाँ भी  दे सकते हैं ..... चैतन्य का कोना 

110 comments:

  1. मेरी दुनिया है मां तेरे आंचल में ...
    मां के प्रति यह उद्गार मन को भावपूरित कर गया।

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  2. प्यारे चैतन्य को मेरा स्नेहाशीष -बहुत सुन्दर हैं ..चश्मे बद्दूर ( न मालूम बाप पर हैं या प्यारी मां पर) ...
    कविता हृदयस्पर्शी है ,जिए हुए सत्य की सहज भावाभिव्यक्ति करती ....मां का यही रूप प्रणम्य है!

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  3. हर माँ मां बनकर सीखती जाती है अपने आप !
    चैतन्य को जन्मदिन पर स्नेहाशीष!

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  4. तपती दुपहरी, दहलीज़ पर खड़ी
    इंतजार करती चिंता में पड़ी
    झट से बस्ता हाथ में लेकर
    उसके माथे का पसीना पौंछती हूँ......अब मैं माँ को समझती हूँ ....!
    maa banker maa kee baaten samajh me aati hain ...

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  5. Happy Birthday To Chetanya .....
    अब मैं भी एक माँ हूँ तो
    माँ का वो स्वरुप स्वयं मुझमे समा गया


    तपती दुपहरी, दहलीज़ पर खड़ी
    इंतजार करती चिंता में पड़ी
    झट से बस्ता हाथ में लेकर
    उसके माथे का पसीना पौंछती हूँ!

    meri maa bhi yesa hi karti thi jab mai bhi aata tha vidhyalaya se ...sudhh bhavanaon ka sanchar ek maa ke alawa har kisi ke samjh se pare ......maa ki bhavnavo se avgat karane ke liye dhanyawad

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  6. ममता को समझ पाना माँ बन कर ही संभव है ....
    शुभकामनायें आपको !!

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  7. Bahut sundar. I wrote something similar to that, will be posting it soon.

    Happy Birthay to Chaitanya (hope thats the spelling) He is so adorable...:) God Bless!

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  8. माँ वह है जो सब समझती है बहुत अच्छी रचना बधाई चैतन्य को भी

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  9. सबसे पहले चैतन्य को जन्मदिन की ढेर सारी शुभकामनाये.......खुदा उसे जहान की तमाम खुशियों से नवाज़े.......आमीन |

    सही कहा आपने मोनिका जी अनुभव बहुत कुछ सिखाते हैं........एक ग़ज़ल का मुखड़ा याद आ गया............

    मुझको यकीं है जो कहती थी अम्मी सच कहती थी,

    बेहतरीन लगी कविता |

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  10. happy birthday chaithaya...

    beautiful poem...

    thanks

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  11. बहुत अच्छी लगी कविता।

    ईश्वर से प्रार्थना है कि उसे जीवन के हर पग पर असीमित और मनचाही कामयाबी -सुख और समृद्धि प्रदान करें।

    जन्मदिन की बहुत बहुत बधाई चैतन्य को!

    सादर

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  12. आप सब को चैतन्य का जन्मदिन बहौत-बहौत मुबारक हो। हम चैतन्य के उज्ज्वल भविष्य,उत्तम स्वास्थ्य,दीर्घायुष्य एवं विद्वता की कामना करते हैं।

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  13. प्यारे चैतन्य को जन्मदिन की बहुत बहुत हार्दिक बधाइयाँ , शुभकामनाएं और ढेर सारा स्नेहाशीष !

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  14. चैतन्य को जन्मदिन की ढेर सारी शुभकामनाये और ढेर सारा प्यार और आशीर्वाद... सही कहा आपने मोनिका जी माँ बनकर ही समझ सकते हैं हम अपनी माँ के मन को बेहतर ढंग से...

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  15. बगैर जाने किसी बात को मानना ठीक भी नहीं है। व्यक्ति का अपना कुछ होता है,तो बस अनुभव ही। और जब अनुभव हो गया,तो फिर किसी को मानने की ज़रूरत भी न रही।

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  16. चैतन्य को जन्मदिन की बहुत बहुत शुभकामनायें ...

    कविता के माध्यम से सही बात कही है ..माँ बन कर हर बेटी माँ के बहुत करीब महसूस करती है .

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  17. माँ को समझाना ही पूर्ण माँ बनना है. चैतन्य को आशीष.

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  18. सच है चोट लगने के बाद ही दर्द का सही एहसास होता है ... ऐसे ही बहुत सी बातें स्वयं पे गुजरने के बाद समझ आती हैं ... देखिये इस प्रेम से जिसको माँ कहते हैं पुरुष कितना महरूम है ...

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  19. चैतन्य को जन्मदिन की ढेर सारी शुभकामनाये और ढेर सारा प्यार

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  20. चैतन्य को जन्म दिन पर स्नेहाशीष ! कविता इस अवसर पर स्पंदित करती चली गयी

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  21. चिरंजीवी चैतन्य को बहुत-बहुत ...
    आशीर्वाद और शुभकामनायें !

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  22. मेरे नन्हें और खूबसूरत दोस्त जन्मदिन पर ढेरों बधाई और शुभकामनाएं |बड़े होकर देश के लिए कुछ अद्भुत करना |

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  23. बहुत अच्छी लगी कविता.......चैतन्य को जन्मदिन की ढेर सारी शुभकामनाये..... :)

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  24. जब तक खुद नहीं माँ बनती एक बेटी माँ को नहीं समझती.
    चैतन्य को ढेर सारी बधाई और शुभकामनायें.
    कविता बहुत प्यारी है.

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  25. चैतन्य को जन्म दिन की बहुत२ बधाई प्यार..
    माँ बनाने के बाद ही माँ क्या होती है अपने बच्चे
    के लिए,समझ आता है,.सुंदर पोस्ट,..
    मेरे नए पोस्ट आइये स्वागत है,....

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  26. माँ बनकर ही माँ को जाना जा सकता है। चैतन्य को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनायें ईश्वर उसे ज़िन्दगी की हर नेमत बख्शे।

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  27. माँ बनकर माँ को समझना ममत्व की पूर्णता पाने जैसा है।

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  28. चैतन्य को जन्मदिन दिन की अनेक शुभकामनायें !
    बहुत सुंदर भावभरी कविता के लिये बधाई आपको !

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  29. मां की दुनिया मां की बातें ...बेटी जब बनती मां तब ही जाने ...बहुत ही भावमय करते शब्‍दों का संगम ...।

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  30. तपती दुपहरी, दहलीज़ पर खड़ी
    इंतजार करती चिंता में पड़ी
    झट से बस्ता हाथ में लेकर
    उसके माथे का पसीना पौंछती हूँ......अब मैं माँ को समझती

    आपकी रचना तो दिल को छू गई ,बहुत सुन्दर

    आप बहुत भाग्यशाली हैं ,आपको बहुत -बहुत बधाई

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  31. bahut sahi baat kahi hai apne....bahut pyari kavita hai....
    chaitanya ko janmdin ki dher sari subhakamnaye.....

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  32. चैतन्य को जन्मदिन पर ढ़ेर सारा प्यार!
    बेहद भावपूर्ण पोस्ट!

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  33. behtreen khubsurat abhivaykti....

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  34. एक-एक बात सच कही है आपने खास कर... बातें तो बहुत हैं जो माँ बनकर समझ आती हैं पर सबसे खास बात यह है कि हर बेटी माँ बनकर अपनी माँ के मन को बेहतर ढंग से समझने लगती है.......और उसके जैसी ही बनने लगती है... बहुत सुंदर बात लिखी है आपने आभार....

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  35. वाकई माँ-बाप बने बिना उन्हें समझा नहीं जा सकता...चैतन्य के लिए शुभकामनाएं...

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  36. मां बनकर ही ममत्व को समझा जा सकता है॥

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  37. सच कह रही है ये कविता आपकी
    माँ बन कर ही समझ आती हैं बातें माँ की ।
    सुंदर दिल से निकली दिल को छू लेने वाली कविता ।
    चैतन्य को बहुत सा प्यार, दुलार और शुभाशीष ।

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  38. माँ तो माँ है........ सच कहा आपने , खुद माँ बनने......या मै अपने बारे में कहू तो खुद पिता बनने पर अपने पिता के दर्द को महसूस किया .......बहुत ही उम्दा रचना है......

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  39. बहुत बहुत शुभकामनाएँ

    Gyan Darpan
    Matrimonial Site

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  40. चैतन्य को शुभ-कामनायें!
    कविता अच्छी लगी। सच है, वात्सल्य का एक रूप पेरेंट बने बिना नहीं समझा जा सकता।

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  41. चैतन्‍य को जन्‍मदिन की बधाई। आप सच कह रही हैं कि जब हम मां बनते हैं तभी मां को समझ पाते हैं।

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  42. सुंदर और भावभरी रचना।
    नन्‍हे चैतन्‍य को आशीष....
    शुभकामनाएं......

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  43. बहुत अच्छी कविता,बहुत अच्छी तरह आपने अपने भावों को संप्रेषित किया है ।

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  44. चैतन्य को जन्मदिन की शुभ कामनाये ! सचमुच माता होने का अनुभव अनोखा है !

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  45. nanhe chitany ko sabhi maa ki taraph se aashish . sach maa ki maa banne ke baad hi hoti hai. aapki kavita ne aankho me aansu la diye.

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  46. चैतन्य को जन्मदिन की असीम शुभकामनाएं और स्नेहाशीष
    बहुत ही प्यारी सी कविता है..

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  47. माँ का दर्द सिर्फ माँ ही जानती है.. चैतन्य को बहुत बहुत शुभकामनाएँ....

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  48. मोनिकाजी - मनुष्य जब - तक किसी चीज से सम्मुख नहीं होता , तब - तक सिख नहीं मिलती है ! आप की धारानाये बिलकुल ठीक है ! माँ को माँ बन कर ही समझा जा सकता है ! बधाई

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  49. बहुत सुन्दर, दिल के भावों को कलम का सहारा देकर माँ की छवि को ताजा किया...

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  50. ye har maan aur beti k abhisar hain. in rasto se guzarne ke baad hi ehsas hota hain un thandi hawaon ka.

    bahut pyari kavita.

    aabhar.

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  51. मोनिका जी नमस्कार, भावअपूर्ण अभिव्यक्ति

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  52. वाह...बेहतरीन भावाभिव्यक्ति...प्रिय चैतन्य को जन्मदिन पर ढेर सारी बधाई !!

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  53. बहुत ही सार्गर्भीत अनुभूति और उसकी अभिव्यक्ति!!
    लाड़ले चैतन्य को हमारा स्नेहाशीष!! और मंगल कामनाएं।

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  54. maa to maa hoti hai..jinke ke pass maa hai wo kismetwale hain :)

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  55. बहुत भावपूर्ण अभिव्यक्ति...प्रिय चैतन्य को जन्मदिन की शुभकामनायें और आशीष...

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  56. बहुत भावपूर्ण अभिव्यक्ति...प्रिय चैतन्य को जन्मदिन की शुभकामनायें और आशीष...

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  57. chhote babu ko mubarkbad....
    aur apko bhi...
    khoobsurat rachna..

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  58. मन को छूते कोमल अहसास.बहुत खूब....

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  59. Nice poetry; direct dil se;
    happy birthday chaitanya;;;

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  60. ye bat sahi hai har ladaki maa ban kar maa ko samjh pati hai..sundar rachana.

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  61. चैतन्य को जन्मदिन की ढेर सारी शुभकामनाये..
    सुंदर रचना के लिए भी ढेर सारी बधाई !!

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  62. अब मैं भी एक माँ हूँ तो
    माँ का वो स्वरुप स्वयं मुझमे समा गया
    मुझे भी माँ की तरह जीना आ गया
    सुन्दर शब्द चित्र माँ का नौनिहाल के प्रति दुलार का समर्पण और स्नेह का .

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  63. Hello! I just would like to give a huge thumbs up for the great info you have here on this post. I will be coming back to your blog for more soon.

    From everything is canvas

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  64. मोनिका जी,
    मेरे नए पोस्ट पर आपका इन्त्जार है..

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  65. सार्थक चिंतन बढ़िया पोस्ट ! धन्यवाद ।

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  66. मन को छू लेने वाली अभिव्यक्ति |

    टिप्स हिंदी में

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  67. "इंसान तो क्या देवता भी आँचल में पले तेरे, है स्वर्ग इसी धरती पर क़दमों के टेल तेरे..........ममता ही लुटाएं जिसके नयन ऐसी कोई मूरत क्या होगी उसको नहीं देखा हमने कभी पर इसकी जरूरत क्या होगी.................
    चैतन्य को हार्दिक प्यार व् आशीर्वाद

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  68. "उसको नहीं देखा हमने कभी पर इसकी जरूरत क्या होगी ऐ मां तेरी मूरत से अलग भगवन की मूरत क्या होगी
    चैतन्य को प्यार आशीर्वाद

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  69. बहुत सुन्दर रचना ...जन्मदिन की बधाई ...

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  70. देर से आये....चैतन्य को बहुत बधाई, आशीष एवं शुभकामनायें...

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  71. Belated Happy Birthday Chaitanay!

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  72. सुंदर, भावमय और सार्थक प्रस्तुति
    के लिए आपका आभार।

    चैतन्य को जन्मदिन की ढेरों शुभकामनाएं। देर से आने के लिए क्षमा प्रार्थी हूँ।

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  73. हर माँ अपनी बेटी को कहती है कि ये बात माँ बनोगी तब समझोगी..... वो बात माँ बनोगी तब समझोगी...... बातें तो बहुत हैं जो माँ बनकर समझ आती हैं पर सबसे खास बात यह है कि हर बेटी माँ बनकर अपनी माँ के मन को बेहतर ढंग से समझने लगती है....
    बहुत ही सुंदर प्रस्तुति । प्यारे चैतन्य को जन्मदिन पर स्नेहाशीष ।

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  74. kaafi late ho gaya main...khair, :)
    kavita badi achhi lagi..
    aur aapke blog ka naya look bhi :)

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  75. प्रिय चैतन्य को शुभ आशीष एवं ढेर सारा प्यार ..अत्यन ही ह्रदय स्पर्शी कब्यांजलि ...माँ की ममता समेटे....
    मुझे भी माँ की तरह जीना आ गया
    तभी तो माँ अब तुम मेरी प्रेरणा हो
    प्रेरणा , बिन कहे एक बच्चे का मन पढ़ने की....!
    प्रेरणा , उसे इन्सान के रूप में गढ़ने की...!

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  76. माँ वह है जो सब समझती है

    चैतन्य को जन्मदिन की ढेर सारी शुभकामनाये

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  77. बहुत ख़ूबसूरत और भावपूर्ण रचना! दिल को छू गई हर पंक्तियाँ! बधाई!

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  78. अच्छी रचना के लिए आपको बधाई । आप हमेशा सृजनरत रहें और मेरे ब्लॉग पर आपकी सादर उपस्थिति बनी रहे । धन्यवाद ।

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  79. bahut sunder aur pyara bachcha hai...happy birthday to him........

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  80. अब मैं भी एक माँ हूँ तो
    माँ का वो स्वरुप स्वयं मुझमे समा गया
    मुझे भी माँ की तरह जीना आ गया
    तभी तो माँ अब तुम मेरी प्रेरणा हो

    मां को समझने के लिए मां होना ही पड़ेगा। केवल बेटियां ही बेहतर समझ सकती हैं कि मां क्या होती है।

    भावपूर्ण प्रस्तुति।

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  81. बाहर था मै, आज ब्लाग पर पहुंचा हूं, जी आपकी रचना का तो वाकई कोई जवाब नही, बहुत सुंदर।
    बेटू चैतन्य ढेर सारा दुलार

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  82. चैतन्य को जन्मदिन पर स्नेहाशीष!

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  83. बहत अच्छी रचना हबच्ची को माँ बन कर ही माँ के ह्रदय का हाल हाल समझ आता है .बहत बधाई

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  84. सच है - बच्चे के जन्म के साथ ही एक नयी स्त्री का जन्म होते है - जो ऐसा बहुत कुछ समझती है अब - जो वह पहले नहीं समझती थी ....

    बहुत ही सुन्दर प्रस्तुति - धन्यवाद |
    :)

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  85. चैतन्य को जन्मदिन की बहुत बहुत शुभकामनायें। आप की कविता दिल के बेहद क़रीब लगी। बधाई।

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  86. ऐसी ममतामयी छाँव में पल रहे चैतन्य को शुभकामनाओं के साथ ही आपको उत्कृष्ट रचना के लिए बधाई.

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  87. sahi kaha......sunder abhivyakti..

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  88. nice opinion, thanks for sharing..

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  89. भावपूर्ण रचना। सच ही है कि मां की जगह कोई और नहीं ले सकता, क्योंकि वही इतना कष्ट सहकर हमें जीवन देती है।

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  90. Monica ji...

    Maat-pita ke sneh ko koi..
    Bhul kabhi na paata hai...
    Par jab apne bachche hote..
    Yaad swtah aa jaata hai..

    Har Maa apni beti ko to..
    Sach ka gyaan karati hai..
    Nazar buri se sabki kaise..
    Bachna ye samjaati hai..

    Kabhi rokti. Kabhi tokti..
    Sang kabhi khud jaati hai..
    Apni har beti ko Maa hi..
    Seekh sahi de paati hai...

    Apne maat-pita ko hardam..
    Har beti hai yaad kare...
    Jo kuchh unse seekha tha wo..
    Apne bachchon se wo kahe...

    Sach main Maa banne ke baad hi Maa ka nishchal prem, uske sneh ko jaana ja sakta hai..aur agar aaj aap yah kahti hain ki ' Main Maa ko samajhti hun...' to yah satya hi prateet hota hai...

    Main swyam duniya main apni Maa se hi sabse jyaada sneh karta hun, par main yah dawa kabhi nahi kar paya ki 'Main Maa ko samajhta hun'..aur karta bhi kaise...kyonki..

    'EK MAA HI MAA KO BEHTAR SAMAJHTI HAI'...

    Mradu ahsaas..

    Deepak Shukla..

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  91. माँ-बेटे को अपार शुभकामनायें एवं बधाईयाँ...

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  92. bhut sundar rachna :)
    mene bhi maa par ek kavita ki rachna ki hai..kripya margdarshan kare.dhyanvaad.

    http://monijain21dec.blogspot.com/2011/06/blog-post_09.html

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  93. चैतन्य को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामना. हर मनुष्य प्यार का भूखा होता है और इसकी पहली खुराक माँ से मिलती है. हम सभी अपनी माँ के ऋणी है.

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  94. Happy birthday to yer son...wonderful post and thanx for visit.
    antarmannn.blogspot.com

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  95. चैतन्य को सुखद/स्वस्थ और सफल जीवन का आशीष...
    सच है..स्वयं माँ बन कर ही स्त्री अपनी माँ के अधिक करीब आती है..बहुत सुन्दर कविता.

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  96. पुरुषोत्तम पाण्डेयDecember 01, 2011 7:58 AM

    बाल-मन की अनुभूति को कोमलता के साथ इस तरह व्यक्त किया है कि हमको भी अपनी माँ की छुवन महसूस होने लगी. दिल की गहराइयों से बधाई.

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  97. बहुत ही अपनी सी लगती हुई कविता . सच ही तो है माँ बन कर ही माँ को समझ पाते हैं हम .

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  98. माँ को समेटती माँ स्वरूपा रचना .

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  99. are maf karna bete me tum ko janmdin ki shubhkamnayen nahi de pai bete bahut bhut khush raho der se hi sahi pr mera ashirvad hai
    rachana

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  100. सार्थक, सटीक और सामयिक प्रस्तुति, आभार.

    मेरे ब्लॉग पर भी पधारने का कष्ट करें , आभारी होऊँगा.

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  101. माँ को...बेहतरीन रचना चैतन्य के लिए बहुत बहुत बधाई...

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  102. vkai ak umr ke bad man ka vastvik matlab samjh me aa hi jata hai . bahut khoob soorat rachna ..... dher sara aabhar .

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  103. sach keh rahi hai aap hum apno ko tabhi samajh pate hai jab bahut der ho jaati hai. maine bhi apne pita ko tab samjha jab bahuta der ho chuki thi..

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  104. प्रथम करें अभिवादन स्वीकृत,
    पूर्णतः मैं आपसे सहमत।
    माँ क्या है यह माँ ही जाने,
    हम तो माँ को ईश्वर माने।
    ईश्वर नहीं है मस्जिद-मन्दिर।
    सच में ईश्वर माँ के अन्दर।।
    भावों से ओतपोत कर देने वाली रचना के लिये
    बधाई।

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  105. प्रथम करें अभिवादन स्वीकृत,
    पूर्णतः मैं आपसे सहमत।
    माँ की महिमा माँ ही जाने,
    हम तो माँ को ईश्वर माने।
    ईश्वर नहीं है मस्जिद-मन्दिर,
    ईश्वर होता माँ के अन्दर।
    भावुक कर देने वाली रचना के लिये बधाई।

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